
प्रीमियर 8 जून रात 9:00 बजे सिर्फ कलर्स और जियोहॉटस्टार पर! ~
New Delhi: बरेली अब सिर्फ अपने मशहूर झुमके के लिए नहीं, बल्कि बच्चन परिवार के लिए भी सुर्खियों में आने वाला है, जो ज़िंदगी को मज़ेदार अंदाज़ में ‘जुगाड़’ की फिलॉसफी से जी रहा है। एक जर्जर घर के दरवाज़े खोलते हुए कलर्स लेकर आ रहा है नया ड्रामेडी शो ‘बरेली के बच्चन’, जहां दरारें गहरी हैं, अफरातफरी हमेशा रहती है और बिगड़ी हुई परंपरा ही रिवाज़ बन चुकी है। स्वागत है बच्चन परिवार के घर में, जहां औरत का स्पर्श इतने सालों से गायब है कि दीवारें भी उसे भूल चुकी हैं। इस घर के बीचोंबीच है कृष्णा, दूसरा बेटा, जिसे सब प्यार से बोल बच्चन कहते हैं पेशे से ड्राइवर, हमेशा दुल्हन ढूंढने का सपना देखने वाला और टूटते घर में भी स्वर्ग देखने वाला। सबसे बड़ा बेटा गंगा उर्फ भोले बच्चन है, जो घर का अनऑफिशियल मां जैसा किरदार निभाता है, लेकिन उसकी कुर्बानियां अक्सर अनदेखी रह जाती हैं। तीसरा भाई सतलुज यानी एंग्री बच्चन हमेशा गुस्से में रहता है, क्योंकि उसे पता है कि यह परिवार स्थिरता से ज़्यादा इनकार पर टिका है। सबसे छोटा माही यानी छोटा बच्चन, जेन ज़ी सोशल मीडिया का दीवाना है, जो परिवार की रोज़मर्रा की अफरातफरी को मज़ेदार अंदाज़ में दुनिया के सामने रखता है। इस अजीबोगरीब कुनबे का मुखिया है अजाब सिंह, बड़े बच्चन – शराबी पिता, जो अपनी ढलती हुई हुकूमत और पुराने कंट्रोल से चिपके रहते हैं।
इस उलझेपलटे ससुराल में कदम रखती है संगम, जिसकी शादी कृष्णा से गलती से हो जाती है और जो इस घर के रोज़ाना के जुगाड़ों के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। चिचा लेदर की गूंज से भरे इस घर में क्या संगम थोड़ी सी शांति ला पाएगी, या फिर यह घर हमेशा की तरह उसे अपने रंग में ढाल लेगा? आरोआ पिक्चर्स द्वारा निर्मित इस शो में अभिनय कर रहे हैं प्रविष्ट मिश्रा कृष्ण के रूप में, रमनीक कटारिया संगम के रूप में, यशपाल शर्मा अजाब सिंह के रूप में, किंशुक महाजन गंगा के रूप में, अंश मनुजा सतलुज के रूप में और सचिन जीत सिंह माही के रूप में। ‘बरेली के बच्चन’ का प्रीमियर 8 जून से, हर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे, सिर्फ कलर्स चैनल पर और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होगा।
कृष्णा के किरदार पर बोलते हुए प्रविष्ट मिश्रा कहते हैं, “कृष्णा सबसे प्यारा झंझट है जिससे आप कभी मिलेंगे एक सपने देखने वाला, जो हकीकत को कहानियों और आधेसच से हल्का कर देता है। उसका मक़सद धोखा देना नहीं होता, बल्कि जीना आसान बनाना होता है। जैसे हममें से कई लोग मानते हैं कि अगर दरारों को लंबे समय तक नज़रअंदाज़ किया जाए तो वे शायद गायब हो जाएं। उसकी मोहकता और कभी न खत्म होने वाले आशावाद के पीछे एक ऐसा इंसान है जो अपने परिवार से बेहद प्यार करता है, लेकिन अपनी ज़िंदगी की सच्चाई का सामना कभी नहीं कर पाया। संगम उसकी इन भ्रांतियों को देख लेती है और हर कदम पर उसे चुनौती देती है। कृष्णा को दिलचस्प बनाने वाली बात यही है कि एक ऐसा आदमी, जिसने हमेशा हकीकत से बचने के लिए बातें बनाई हैं, अब मजबूर होकर उसका सामना करता है।”
संगम के किरदार पर बोलते हुए रमनीक कटारिया कहती हैं, “हर बहू से उम्मीद की जाती है कि वह अपने ससुराल में ढल जाए, लेकिन संगम जिस बच्चन परिवार में कदम रखती है, वह सच कहें तो पूरी तरह बिखरा हुआ है। अचानक उसके पैरों तले ज़मीन खिसक जाती है और वह खुद को एक ऐसे घर में पाती है जहां सिर्फ पुरुष ही रहते हैं और जो धीरेधीरे टूट रहा है। मुझे इस शो की सबसे अच्छी बात यही लगती है कि यह कितनी सहजता से एक औरतरहित घर की स्थिति को दिखाता है और यह बताता है कि औरतें परिवार में कितना अनदेखा भावनात्मक योगदान करती हैं। मैं बेहद उत्साहित हूँ कि दर्शक हर हफ़्ते बच्चन परिवार को अपने घरों में अपनाएँगे।”
अजाब सिंह के किरदार पर बोलते हुए यशपाल शर्मा कहते हैं, “बच्चन परिवार एक ऐसा घर है जहां सारे पुरुष इनकार में जीते हैं, और उसका मुखिया है अजाब सिंह एक पिता उतना ही अनोखा जितना उसका नाम। दुनिया ने उसे पूरी तरह निराश किया है और उसने तय कर लिया है कि इसका सही जवाब दुनिया को वापस निराश करना ही है। उसका गर्व उसी तरह का है जैसा किसी ऐसे आदमी का होता है जिसने बहुत कुछ खो दिया हो, क्योंकि जब सब कुछ चला जाता है तो गर्व ही आख़िरी चीज़ बचती है। उसे निभाना मेरे लिए बेहद संतोषजनक अनुभव रहा क्योंकि वह किरदार बहुत सच्चा लगता है। मैं उत्साहित हूँ कि दर्शक उसकी ज़िंदगी को जीने के इस टेढ़ेमेढ़े अंदाज़ पर हँसेंगे।”
ससुराल में मचा है छीछालेदर, कैसे रहेगी संगम बरेली वाले बच्चन्स के घर?
“देखिए ‘बरेली के बच्चन’, जिसका प्रीमियर 8 जून को होगा और उसके बाद हर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सिर्फ कलर्स चैनल और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होगा!”



