डीआईटी यूनिवर्सिटी में ROOTS 2026 का भव्य आगाज़, पारंपरिक ज्ञान और उत्तरदायी डिज़ाइन पर मंथन

देहरादून। स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग तथा स्कूल ऑफ डिज़ाइन, डीआईटी यूनिवर्सिटी, देहरादून ने तीन दिवसीय छात्र संगोष्ठी ROOTS 2026 – Responsive Orientation of Organic Traditional Systems का उद्घाटन किया, जिसमें छात्रों, शिक्षाविदों और डिज़ाइन विशेषज्ञों को एक साथ लाकर पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और उत्तरदायी डिज़ाइन प्रथाओं, विशेषकर हिमालयी संदर्भ में, सार्थक संवाद के लिए मंच प्रदान किया गया।
उद्घाटन समारोह का आरंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें माँ सरस्वती का आह्वान किया गया, जो ज्ञान की अज्ञान पर विजय का प्रतीक है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति भी शामिल रही, जिसने संगोष्ठी की शुरुआत को उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक बना दिया।
इस अवसर पर डीआईटी यूनिवर्सिटी के प्रधान सलाहकार एन. रवि शंकर, माननीय कुलपति जी. रघुरामा, मुख्य अतिथि प्रद्युम्न व्यास (अनुपस्थिति में), विशिष्ट अतिथि सोनिया मंचंदा तथा कोलोक्वियम चेयर एकता सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संयोजन स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की एसोसिएट प्रोफेसर आंचल शर्मा द्वारा किया गया।
तीन दिनों तक चलने वाली इस संगोष्ठी में विविध शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम में वर्ल्ड डिज़ाइन ऑर्गेनाइजेशन की बोर्ड सदस्य सोनिया मंचंदा, डेस्मानिया डिज़ाइन के संस्थापक एवं सीईओ अनुज प्रसाद तथा कार्मेल, इंडियाना (संयुक्त राज्य अमेरिका) के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं को-फाउंडर स्टैन गुटवीन के मुख्य व्याख्यान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त डॉ. राम सतीश और डॉ. लोवलेश शर्मा के विशेषज्ञ व्याख्यान, छात्र पोस्टर समीक्षा, छात्र कृतियों की प्रदर्शनी एवं भ्रमण, रचनात्मक और प्रायोगिक कार्यशालाएँ तथा अन्य इंटरैक्टिव गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम में राजपुर गांव में एक हेरिटेज वॉक, कला प्रतियोगिता और समापन समारोह भी शामिल हैं।
इस आयोजन के लिए देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिस्पर्धात्मक पोस्टर प्रस्तुत किए, जबकि मानव भारती स्कूल डालनवाला, शिगैली हिल्स पुरकुल, यूनिसन वर्ल्ड स्कूल मसूरी रोड और डीपीएस कंडोली के लगभग 100 स्कूली छात्रों ने कला प्रतियोगिता में भाग लिया।
यह कार्यक्रम आईआईटी रुड़की और एनआईयूए के सहयोग से नॉलेज पार्टनर्स के रूप में आयोजित किया गया, साथ ही अवनेन्द्र इंफ्रास्ट्रक्चर, भारत ब्रिक्स, ग्लोबल पाथवे सॉल्यूशंस, एशिया कार्विंग्स, खन्ना स्टेशनर्स और ए+आई आर्किटेक्ट्स का सहयोग प्राप्त हुआ।
ROOTS 2026 का उद्देश्य अंतर्विषयक शिक्षण को बढ़ावा देना, छात्र-नेतृत्वित अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और सतत एवं संदर्भ-संवेदी डिज़ाइन दृष्टिकोणों पर संवाद स्थापित करना है, ताकि युवा डिज़ाइनर समाज, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ कार्य कर सकें।



