
पटना, बिहार: एजुकेशन कंपनी फिजिक्सवाला (PW) ने अपने छात्र रविकांत दिवाकर की सफलता का जश्न मनाया, जिन्होंने री-NEET UG 2026 में 695 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 55 हासिल की। बिहार के पटना निवासी रविकांत ने तीन वर्षों तक PW के Udaan 2024, Arjuna NEET 2025, और Lakshya NEET 2026 बैचों के माध्यम से तैयारी की। इसके साथ ही उन्होंने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नियमित मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस पेपर्स का भी लाभ उठाया।
कक्षा 10 से ही फिजिक्सवाला के ऑनलाइन बैचों से पढ़ाई कर रहे रविकांत ने बताया कि उनकी मां एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं और परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि फिजिक्सवाला द्वारा उपलब्ध कराई गई किफायती और टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा के कारण वह आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अपनी तैयारी जारी रख सके। छह सदस्यों वाले उनके परिवार में एक बड़े भाई दिव्यांग हैं, जो बोलने और चलने में असमर्थ हैं। दूसरे भाई एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि उनकी बहन वर्तमान में NEET की तैयारी कर रही हैं। अनुशासित तैयारी और लगातार अभ्यास के दम पर रविकांत ने री-NEET 2026 में 695 अंक हासिल कर AIR 55 प्राप्त की। उन्होंने फिजिक्सवाला के विभिन्न बैचों की सामग्री देखने में 70,000 मिनट से अधिक का समय बिताया।
रविकांत दिवाकर ने कहा, “NEET की तैयारी हमेशा आसान नहीं थी, क्योंकि घर की जिम्मेदारियां और कई चुनौतियां थीं। लेकिन मुझे हमेशा विश्वास था कि लगातार मेहनत जरूर रंग लाएगी। PW के व्यवस्थित बैच, नियमित प्रैक्टिस टेस्ट और विस्तृत वीडियो सॉल्यूशंस ने मेरे कॉन्सेप्ट्स को मजबूत किया और परीक्षा की रणनीति बेहतर बनाने में मदद की। शिक्षकों के मार्गदर्शन और लगातार होने वाले आकलन ने मुझे परीक्षा के दिन अच्छा प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास दिया। AIR 55 हासिल करना मेरे और मेरे परिवार के लिए एक सपने के सच होने जैसा है।”
PW के शिक्षक, संस्थापक और CEO अलख पांडेय ने कहा, “हर रैंक के पीछे मेहनत, त्याग और अटूट विश्वास की एक कहानी होती है।
रविकांत की उपलब्धि केवल उनकी लगन को ही नहीं, बल्कि उन अनगिनत छात्रों के संघर्ष और दृढ़ता को भी दर्शाती है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं। PW में हमारा मानना है कि प्रतिभा हर जगह मौजूद है, उसे केवल सही अवसर और उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। हमें खुशी है कि हम रविकांत की तैयारी के इस सफर का हिस्सा बने और डॉक्टर बनने की उनकी नई यात्रा के लिए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं।”
हर वर्ष लाखों छात्र NEET परीक्षा में शामिल होते हैं, जो भारत की सबसे प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। रविकांत की सफलता इस बात का उदाहरण है कि नियमित तैयारी, सुलभ शिक्षण संसाधन और दृढ़ संकल्प के बल पर छात्र अपनी परिस्थितियों से ऊपर उठकर मेडिकल क्षेत्र में अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।



