
लखनऊ इस नवंबर में छह टीमों के पहले फ़्रेंचाइज़ी टूर्नामेंट की मेज़बानी करेगा
लखनऊ: भारतीय खेलों में आज एक बड़े बदलाव की शुरुआत हुई जब वीमेन्स प्रो वॉलीबॉल लीग (डब्लूपीवीएल) की आधिकारिक शुरुआत की गई। यह विशेष रूप से महिला वॉलीबॉल को समर्पित देश की पहली राष्ट्रीय, फ़्रेंचाइज़ी-आधारित प्रोफेशनल लीग है। इस पहल को पावर स्पाइक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रमोट किया जा रहा है, और इसका उद्देश्य महिला एथलीटों के लिए लंबे समय तक चलने वाला प्रोफेशनल स्पोर्ट्स सिस्टम बनाना है। इस आधिकारिक अनावरण समारोह का आयोजन द सेंट्रम, लखनऊ में “राइज़िंग क्वीन ऑफ द कोर्ट” थीम के तहत किया गया। इस हाई-प्रोफाइल समारोह में वरिष्ठ सरकारी गणमान्य व्यक्तियों, खेल प्रशासकों और बिजनेस लीडर्स ने भाग लिया, जिनमें उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और यूपी राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान शामिल थे।
इस टूर्नामेंट का पहला संस्करण 1 नवंबर से 11 नवंबर, 2026 तक लखनऊ के इकाना इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाला है। 11 दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में छह शहर-आधारित फ़्रेंचाइज़ी हिस्सा लेंगी, जिसमें 84 उत्कृष्ट पेशेवर एथलीटों का दल शामिल होगा, यानी प्रत्येक टीम में 14 खिलाड़ी होंगे।
दुनियाभर में वॉलीबॉल के 800 मिलियन से ज़्यादा खिलाड़ी और फैंस हैं। इसके बावजूद, भारत की महिला खिलाड़ियों को इस खेल में अपना करियर बनाने के लिए कभी कोई पक्का और बड़ा मंच नहीं मिला। डब्लूपीवीएल इसी कमी को दूर करने के लिए शुरू की गई है। इसका मकसद निजी निवेश को बढ़ावा देना, खिलाड़ियों का सही विकास करना और ज़मीनी स्तर पर खेल को मजबूत बनाकर इसे एक बेहतरीन करियर विकल्प बनाना है। लॉन्च के अवसर पर, डब्लूपीवीएल के संस्थापक बुख़रात अहमद ने लीग के बड़े मकसद के बारे में बताया और इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए सही मौके, पहचान और पेशेवर मदद की ज़रूरत होती है। उनका मकसद एक ऐसा माहौल बनाना है जहाँ महिला खिलाड़ी प्रोफेशनल तरीके से खेल सकें और आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकें। टीमों के नाम (फ्रेंचाइजी की पहचान), खिलाड़ियों की नीलामी की प्रक्रिया और प्रसारण साझेदारी की जानकारी आने वाले हफ्तों में दी जाएगी।



