हर्बल कुंभ से जड़ी-बूटी आधारित खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों की आर्थिकी होगी मजबूत: कृषि मंत्री गणेश जोशी

2030 तक कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में उत्तराखंड को हिमाचल और कश्मीर के बराबर लाने का लक्ष्य
पौड़ी। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के माला गांव में पतंजलि ट्रस्ट द्वारा आयोजित हर्बल कुंभ, जड़ी-बूटी कृषि मेला एवं श्री धन्वंतरि महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हर्बल कुंभ में लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेद और औषधीय वनस्पतियों की धरती है। हमारे ऋषि-मुनियों ने सदियों से आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों के माध्यम से मानव स्वास्थ्य एवं जीवन को स्वस्थ रखने का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के कठिन दौर में भी आयुर्वेद ने देशवासियों को स्वस्थ और सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कृषि मंत्री ने पतंजलि ट्रस्ट द्वारा जड़ी-बूटी आधारित कृषि, आयुर्वेद एवं किसानों की आजीविका संवर्धन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन किसानों को नई संभावनाओं और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जड़ी-बूटी उत्पादन को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी। इससे प्रदेश की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक उत्तराखंड कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश और कश्मीर की बराबरी करे। इसके लिए आधुनिक तकनीक, नवाचार और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, आचार्य बालकृष्ण सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



