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द स्मार्टेर ई इंडिया 2026 बना गुजरात का ‘एनर्जी का महाकुंभ’

  • यह आयोजन भारत के स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के चरण से आगे बढ़कर क्रियान्वयन, बड़े पैमाने पर विनिर्माण और ऊर्जा प्रणालियों के एकीकरण की दिशा में हो रहे बदलाव को दर्शाएगा

गांधीनगर: भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा अब केवल लक्ष्यों तक सीमित नहीं रही, बल्कि क्रियान्वयन के नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे समय में तकनीक, विनिर्माण और नीति से जुड़े संवादों को एक मंच पर लाने वाले प्लेटफॉर्म्स का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में गुजरात—उभरते हुए ऊर्जा केंद्र के रूप में—एक बार फिर 25 से 27 फरवरी तक गांधीनगर में द स्मार्टेर ई की मेजबानी कर रहा है। यह आयोजन गुजरात की सबसे बड़ी स्वच्छ ऊर्जा प्रदर्शनी के रूप में स्थापित हो रहा है, जिसे उद्योग जगत ‘एनर्जी का महाकुंभ’ भी कह रहा है।
इस आयोजन में 300 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी सुनिश्चित हो चुकी है, जो सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और पूर्ण ऊर्जा प्रणालियों के विभिन्न घटकों से जुड़े होंगे। यह व्यापक भागीदारी दर्शाती है कि भारत का नवीकरणीय ऊर्जा इकोसिस्टम अब ऐसे मंचों के आसपास संगठित हो रहा है, जहां तकनीक, नीति और व्यावसायिक निर्णय एक साथ सामने आते हैं।
कार्यक्रम में 19,000 से अधिक प्रोफेशनल विजिटर्स, 300 से अधिक विचार नेताओं की सम्मेलन में भागीदारी और 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं की मौजूदगी रहेगी। ये विशेषज्ञ विभिन्न मंचों—जैसे कांफ्रेंस: एडॉप्शन टू लीडरशिप: पावरिंग आत्मनिर्भर भारत थ्रू टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन, वॉइसेस ऑफ़ इंडिया एनर्जी लीडर – द स्मार्टर ई इंडिया पॉडकास्ट सीरीज एंड इनोवेटर एंड स्टार्टअप एरीना में चर्चा करेंगे।
मेस्से मुएनचेन इंडिया के सीईओ और आईएमईए के प्रेसिडेंट भूपिंदर सिंह ने कहा,
“अब ऊर्जा क्षेत्र की चर्चाओं का स्वरूप बदल चुका है। भारत अब केवल इरादों पर चर्चा नहीं कर रहा, बल्कि क्रियान्वयन, सप्लाई चेन और घरेलू विनिर्माण की प्रतिस्पर्धा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। द स्मार्टेर ई इंडिया भी इसी बदलाव को दर्शाता है, इसलिए उद्योग इसे एनर्जी का महाकुंभ मानने लगा है।”
आयोजन के व्यापक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए अभिनेता प्रतीक गांधी को द स्मार्टेर ई इंडिया 2026 का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। आयोजकों के अनुसार यह जुड़ाव दर्शाता है कि स्वच्छ ऊर्जा अब भारत की अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और रोजगार सृजन से गहराई से जुड़ चुकी है।
गुजरात को मेजबान राज्य के रूप में चुना जाना भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में गुजरात बड़े पैमाने पर सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जुड़े विनिर्माण विस्तार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
2026 संस्करण का मुख्य आकर्षण “एडॉप्शन टू लीडरशिप: पावरिंग आत्मनिर्भर भारत थ्रू टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन” विषय पर आधारित सम्मेलन होगा। इसमें चर्चा की जाएगी कि भारत कैसे एक बड़े स्वच्छ ऊर्जा बाजार से आगे बढ़कर तकनीकी विकास और विनिर्माण में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है।
सम्मेलन में परियोजना विकास, विनिर्माण, नीति और अंतरराष्ट्रीय उद्योग संगठनों से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे। चर्चाओं का केंद्र विनिर्माण विस्तार, ग्रिड इंटीग्रेशन, ऊर्जा भंडारण, वित्तपोषण और नीति समन्वय जैसे मुद्दे होंगे, जो आने वाले दशक में भारत की ऊर्जा प्रतिस्पर्धा को तय करेंगे।
ट्रेड फेयर में इनोवेटर एंड स्टार्टअप एरीना भी होगा, जहां शुरुआती चरण की कंपनियां ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम, ग्रिड इंटेलिजेंस और उन्नत सौर विनिर्माण से जुड़ी अपनी तकनीकें प्रदर्शित करेंगी। साथ ही वॉइसेस ऑफ़ इंडिया एनर्जी लीडर – द स्मार्टर ई इंडिया पॉडकास्ट सीरीज भी प्रदर्शनी के साथ चलेगी।
वैश्विक स्तर पर भी भारत के स्वच्छ ऊर्जा फैसलों पर नजर रखी जा रही है। सोलर प्रमोशन इंटरनेशनल के मैनेजिंग डायरेक्टर फ्लोरियन वेसेंडॉर्फ ने कहा, “बड़े पैमाने पर ऊर्जा परिवर्तन कैसे लागू किए जाते हैं, इसका वैश्विक उदाहरण भारत बन रहा है। यहां होने वाले बदलाव वैश्विक सप्लाई चेन और तकनीकी प्राथमिकताओं को प्रभावित करते हैं। द स्मार्टेर ई इंडिया में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भागीदारी इसी रुचि को दर्शाती है।
वरिष्ठ उद्योग नेताओं की राष्ट्रीय सलाहकार समिति के मार्गदर्शन में आयोजित द स्मार्टेर ई इंडिया 2026 भारत की ऊर्जा यात्रा में समन्वित संवाद की बढ़ती आवश्यकता को भी दर्शाता है, क्योंकि देश तेज क्षमता विस्तार से आगे बढ़कर दीर्घकालिक ऊर्जा स्थिरता की दिशा में बढ़ रहा है।

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