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बच्चों से उनका बचपन, शिक्षा छिनने वालों को बख्शा नही जाएगाः डीएम

देहरादून । जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जनपद में व्यापक बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर गठित टीमों द्वारा एक साथ सघन निरीक्षण एवं छापेमारी कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार श्रम विभाग ने  पुलिस विभाग, डीटीएफ टीम एवं अन्य गैर सरकारी संगठन, बचपन बचाओ आंदोलन एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीमें सुबह से ही फील्ड में सक्रिय रहीं और शहर के विभिन्न बाजारों, औद्योगिक इकाइयों, होटल-ढाबों, वर्कशॉपों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत नाबालिग बच्चों की तलाश की गई।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि “जनपद प्रशासन बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों से उनका बचपन व शिक्षा छिनने वालों को बख्शा नही जाएगा। जिले में किसी भी प्रकार की अवैध, बाल श्रम गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अभियानों को आगे भी नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।” उन्होंने समाज से भी अपील की कि बाल श्रम की सूचना तत्काल जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभागों को उपलब्ध कराएं।
थाना विकासनगर अन्तर्गत  09 संस्थानों पर छापेमारी की गई जिनमें मै0एबी फैब्रिकेशन जीवनगए में 1 व मै0 न्यू भारत टायर पंचर जीवनगढ में 1 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। थाना पटेलनगर अन्तर्गत 12 संस्थानों पर छापेमारी कार्यवाही की गई जिनमें मै0 दिल्ली आटो मोबाईल कारगी चौक में 1, मैसर्स सुहेल बॉडी केयर मेंहूवाला में 1 व मै0 अख्तर वुड वर्क मेंहूवाला में 1 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। इसी प्रकार थाना सहसपुर अन्तर्गत 02 संस्थानों पर छापेमारी की गई जिनमें मै0 श्री बालाजी आटो रिपोयर पार्टस में 1 व मै0 ब्रदर्स रेस्टोरेंट लांघा रोड में 01 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। कुल 23 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कार्यवाही की गई जिनमें 07 प्रतिष्ठानों पर 07 बालश्रिमकों को रेस्क्यू किया गया। बाल/किशोर श्रमिकों का मेडिकल कराते हुए बाल कन्याण समिति केदारपुरम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। तथा 07 प्रतिष्ठानों में बालश्रमिक नियोजित पाए जाने पर प्रतिष्ठानों के स्वामियों के विरूद्ध सम्बन्धित थानों पर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई।
अभियान के दौरान कई स्थानों पर नाबालिग बच्चों को कार्यरत पाया गया, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई आरंभ की गई। टीमों ने मौके पर श्रम कानूनों और बाल अधिकारों से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की।

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