योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय एवं जनसहभागिता जरूरी: खजानदास

पी0एम0 राहत योजना एवं नेक राहवीर योजना पर किया गया संगोष्ठी का आयोजन
Dehradun : शुक्रवार को जिला सड़क सुरक्षा समितिए जनपद देहरादून तथा जिला प्रशासन द्वारा आई.आर.डी.टी. सभागार देहरादून पी0एम0 राहत योजना एवं नेक राहवीर योजना पर अंतर्विभागीय समन्यव एवं हितधाराकों हेतु संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों, पीड़ित व्यक्ति के उपचार, योजना के लाभ, नेक राहवीर योजना तथा विभिन्न संबंधित विभागों के उत्तरादायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गयी। संगोष्ठी में जिला प्रशासन पुलिसए यातायात.परिवहन, स्वास्थ्य विभागए लोक निर्माण विभाग, गैर सामाजिक संस्था तथा राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण सहित निजी चिकित्सालयों के 300 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं विभिन्न संगठनों एवं संस्थानों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
गोष्ठी का शुभारम्भ मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास तथा अन्य अतिथिगणों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास जी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा प्रारम्भ की गयी यह योजना एक वृहद, समावेशी एवं आपात सहायता की अति महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने कहा कि इस योजना से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ-साथ घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसा योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु जहां एक ओर विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है वहीं जनजागरूकता एवं जन सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। श्री खजानदास जी ने निजी चिकित्सालयों एम आम जनमानस से अपील की कि वे इस योजना से सक्रिय रूप से जुड़ें और देश में सड़क दुर्घटानाओं को रोकने में सहयोग करें।
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा पीएम राहत योजना के अंतर्गत चिकित्सालयों के एम्पेनलमेंट की प्रक्रिया पर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी। जनपद के 80 सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सालय अभी तक पोर्टल पर इम्पेनल्ड हैं, आज की संगोष्ठी में उपस्थित हुए 130 से अधिक चिकित्सालयों को भी पोर्टल में पंजीकृत कर इंपेनल्ड किया जायेगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी चिकित्सालयों का अनुश्रवण किया जायेगा।
वहीं परिवहन विभाग द्वारा पीएम राहत योजना एवं नेक राहवीर योजना के विभिन्न प्रावधानों, योजना का लाभ पीड़ित तक पहुंचाने हेतु आवश्यक चरणों के साथ.साथ विभागों एवं चिकित्सालयों की भूमिका पर जानकारी उपलब्ध कराई गई।
जिलाधिकारी देहरादून डॉ0 आशीष चौहान ने कहा कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर जनमानस को जागरूक किया जायेगा। योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी विभागों में आपसी समन्वय सुनिश्चित करने हेतु नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जायेगी।
पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक के कैशलेस मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी, जो हर प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं पर समान रूप से लागू होगी। साथ ही, संकट के समय आपातकालीन नंबर 112 से सहायता ली जा सकती है। संगोष्ठी में दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों को नेक राहवीर बनकर ₹25ए000 का पुरस्कार देने की जानकारी भी दी गयी। सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता फैलाने पर भी विशेष बल दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा ने अंत में गोष्ठी में प्रतिभाग करने वाले समस्त विभागों तथा प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों एवं अधिकारियों के रूप में जिलाधिकारी देहरादून डॉ0 आशीष चौहान, चिकित्सा स्वास्थ्य निदेशक श्री खड़क सिंह दाताल संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री राजीव मेहरा, संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ0 अनिता चमोला, अपर जिलाधिकारी सुश्री स्मृता परमार, महाप्रबंधक उत्तराखंड परिवहन निगम अनिल गर्ब्याल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 प्रदीप राणा, योगेन्द्र बोरा, पूजन नेगी, परिवहन विभाग से सहा. सम्भागीय परिवहन अधिकारी अनिल नेगी, रत्नाकर सिंह, रश्मि पंत, देहरादून/ऋषिकेश/हरिद्वार, लीड एजेन्सी सदस्य सर्वश्री नरेश संगल, संजय बिष्ट, अविनाश चौधरी एवं डॉ0 उषा बिष्ट, श्री पपनोई, सुश्री अनुराधा पन्त, सुश्री प्रज्ञा पन्त, परिवहन कर अधिकारी एवं परिवहन निगम की ओर से श्री पवन मेहरा, महाप्रबंधक, श्री जे0के0 शर्मा, मण्डलीय प्रबंधक, श्री प्रदीप सती, उपमहाप्रबंधक, सुश्री पूजा कहेरा, उपमहाप्रबंधक, श्री सुरेश चौहान, मण्डलीय प्रबंधक, श्री प्रतीक जैन, सुश्री अंजलिका शर्मा, सुश्री चित्र लेखा, श्री राजीव गुप्ता सहायक महाप्रबंधक उपस्थित थे।
उक्त वर्कशॉप में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण, चिकित्सा विभाग, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, परिवहन निगम, परिवहन यूनियन, स्वयंसेवी संस्थाओं सिविल डिफेंस, वेस्ट वारियर एवं पहाड़ी पैडलर्स के लगभग 300 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
योजना के प्रमुख प्रावधान-
* मोटर वाहन से हुई सड़क दुर्घटना का कोई भी पीड़ित व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है।
* योजना के अंतर्गत सभी संबद्ध अस्पतालों में पीड़ित को कैशलेस (मुफ्त) इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है।
* सड़क दुर्घटना पीड़ित को इलाज के लिए अधिकतम ₹1.5 लाख तक का वित्तीय कवर मिलता है।
* इस योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक का उपचार कवर किया जाता है।
* किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को किसी भी सड़क पर दुर्घटना होने की स्थिति में किसी भी अस्पताल में त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जाता है।
* दुर्घटना की स्थिति में तुरंत 112 / 108 नंबर पर कॉल करके सहायता लें और घायल को निकटतम अस्पताल पहुंचाएं।
योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ित को लाभ मिलने की प्रक्रिया
* सड़क दुर्घटना और तुरंत कॉल- सड़क दुर्घटना होने पर तुरंत 112 पर कॉल करें, जिससे एम्बुलेंस और निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी मिलती है।
* अस्पताल पहुँचाना और उपचार- पीड़ित को नामित अस्पताल पहुँचाया जाता है, जहाँ उसका तत्काल उपचार एवं स्थिरीकरण किया जाता है (गैर-जीवन-घातक स्थिति में 24 घंटे तक तथा जीवन-घातक स्थिति में 48 घंटे तक)।
* केस दर्ज और पुलिस सत्यापन- अस्पताल द्वारा डिजिटल प्रणाली (ज्डै 2.0) में केस दर्ज किया जाता है और पुलिस द्वारा डिजिटल सत्यापन (मक्।त्) किया जाता है।
* कैशलेस उपचार- पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार मिलता है
* क्लेम – इसके बाद अस्पताल द्वारा योजना के तहत क्लेम प्रस्तुत किया जाता है।
* जाँच और भुगतान- राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा क्लेम की जाँच और स्वीकृति के बाद, दिशानिर्देशों के अनुसार 10 दिनों के भीतर अस्पताल को भुगतान कर दिया जाता है।
अस्पताल करेंगे यह सहयोग-
* चिकित्सालय में रुकने या विवरण देने के लिए बाध्य नहीं करेगा
* यदि आप नेक राहवीर हैं, तो अस्पताल आपको वहाँ रुकने या अपना नाम व व्यक्तिगत विवरण देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।
* जब तक आप घायल व्यक्ति के परिवार के सदस्य या सगे-संबंधी न हों, तब तक अस्पताल आपसे पंजीयन या भर्ती के खर्चों के भुगतान की मांग नहीं कर सकता।
पुलिस करेगी यह सहयोग –
* पुलिस द्वारा आपको नाम, पहचान एवं पता देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, और घायल व्यक्ति की सूचना देने के बाद आपको जाने की अनुमति होगी
* पुलिस द्वारा बिना किसी विलंब के समयबद्ध रूप से केवल एक बार में आवश्यक पूछताछ/बयान दर्ज किया जाएगा, और मददगार की इच्छानुसार उसका नाम व विवरण गुप्त रखा जाएगा।
* पुलिस नेक राहवीर की सुविधानुसार सादे कपड़ों में उसके घर या कार्यक्षेत्र पर जाकर पूछताछ करेगी
गुड सेमेरिटन (नेक राहवीर) बनने, पुरस्कार योजना और विभिन्न स्थितियों में मिलने वाली राशि/पुरस्कार
ऐसा व्यक्ति जो सड़क दुर्घटना की स्थिति में किसी पीड़ित की निरूस्वार्थ मदद करता है, उसे गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) कहा जाता है। परिवहन विभाग द्वारा ऐसे मददगारों को प्रोत्साहित करने के लिए स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है। दुर्घटना के तुरंत बाद का पहला 1 घंटा गोल्डन आवर कहलाता है, जिसमें चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराकर दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है।
राज्य स्तर पर पुरस्कार राशि
* राज्य स्तरीय प्रावधान के तहत जीवन बचाने की निम्नलिखित परिस्थितियों में ₹25,000 का पुरस्कार दिया जाता है-
* एक राहवीर (गुड सेमेरिटन) द्वारा एक दुर्घटना पीड़ित की जान बचाने पर।
* एक से अधिक राहवीरों (गुड सेमेरिटन) द्वारा एक दुर्घटना पीड़ित की जान बचाने पर।
* एक से अधिक राहवीरों (गुड सेमेरिटन) द्वारा एक से अधिक दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने पर।
जिला स्तर पर गुड सेमेरिटन को ₹5,000 की पुरस्कार राशि प्रदान किए जाने का भी प्रावधान है। योजना के अंतर्गत चयनित व्यक्ति को न केवल नकद धनराशि मिलती है, बल्कि विभाग द्वारा प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर भी सम्मानित किया जाता है।



