भगवान शंकर आश्रम बना निर्बलों का सहारा, जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचा राशन

मसूरी (देहरादून)। देवभूमि उत्तराखण्ड में अवस्थित आर्यम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के तत्त्वावधान में संचालित भगवान शंकर आश्रम द्वारा घोषित माँ अन्नपूर्णा भंडारा कार्ड योजना के अन्तर्गत के अतिनिर्धन और वंचित 22 परिवारों को जुलाई माह का निःशुल्क मासिक घरेलू राशन वितरित किया गया। सन् 2020 से यह योजना परमप्रज्ञ जगद्गुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी महाराज के सानिध्य में संचालित है।
गुरुदेव आर्यम का सदैव यह दृढ़ विश्वास रहा है कि समाज सेवा ही सच्ची आध्यात्मिक साधना है। उन्हीं की प्रेरणा से भगवान शंकर आश्रम निरंतर समाज के उपेक्षित और असहाय वर्ग के उत्थान हेतु कार्यरत है। आर्यम गुरुदेव का मानना है कि किसी भी निर्धन व्यक्ति को भूखा न सोना पड़े, यही मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। इसी संकल्प को साकार करने हेतु माँ अन्नपूर्णा भंडारा कार्ड योजना का शुभारंभ किया गया, जो निरंतर निर्बल, असहाय एवं वंचित परिवारों तक अन्न पहुँचाने का माध्यम बनी हुई है तथा क्षेत्र में एक नई आशा का संचार कर रही है।
आर्यम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन विगत कई वर्षों से देवभूमि उत्तराखण्ड सहित अन्य क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण से जुड़े अनेक प्रकल्पों का संचालन कर रहा है। फ़ाउंडेशन का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक जागरण ही नहीं, अपितु समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना भी है। इसी भावना के अनुरूप भगवान शंकर आश्रम द्वारा संचालित यह भंडारा योजना निरंतर विस्तार पा रही है, जिससे अधिकाधिक जरूरतमंद परिवार लाभान्वित हो सकें और समाज में करुणा तथा सेवा के मूल्यों की स्थापना हो सके।
भंडारा कार्ड धारक व्यक्तियों को दी जाने वाली सामग्री में सभी वस्तुओं की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाता है। इन वस्तुओं में 15 किलो गेहूँ का आटा, 10 किलो चावल, दो किलो काला चना, दो लीटर सरसों का तेल, आदि प्रदान किया जाता है। अति निर्बल, बीमार और आने में असमर्थ परिवारों को राशन उनके घरों पर भी पहुँचाया जाता है। बच्चों द्वारा त्याग दिए गए वृद्ध व्यक्तियों, निराश्रित विधवाओं, बेसहारों के अपंग, बीमार और अत्यंत निर्धन व्यक्तियों के लिए यह भंडारा कार्ड योजना आश्रम की तरफ़ से संचालित है जिसे शीघ्र ही अन्य अनेक स्थानों तक विस्तारित किया जाएगा।
कार्यक्रम में हरीश त्यागी, सोमलता दलाल, अजय त्यागी, राजेन्द्र कुमार, अंशित वर्मा, प्रीतेश आर्यम, संतोष, सतीश, अरविंद शर्मा, अंजलि सोनकर, रुचि , रीना चौहान , कविता मलिक , रेणु सचदेवा ,इंदिराबेन मिश्रा आदि का सहयोग रहा।



