दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का निधन, मोदी, मांडविया ने दुख व्यक्त किया

नई दिल्ली: ओलंपियन और भारत के पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा का गुरुवार को यहां के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे 49 साल के थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और अन्य ने जसपाल राणा के निधन पर दुख व्यक्त किया है। भारतीय राष्ट्रीय रायफल संघ (एनआरएआई) ने जसपाल राणा के निधन की पुष्टि करते हुए दुख व्यक्त किया है।
भारत के सबसे कामयाब निशानेबाजों में से एक, राणा को हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में मई के आखिर में हुए आईएसएसएफ विश्व कप के दौरान सीने में तकलीफ हुई थी, जिसके बाद उनकी स्टेंट प्रक्रिया हुई थी। भारत लौटने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के बावजूद उनका निधन हो गया।
अस्पताल में भर्ती होने के बाद जसपाल राणा के भाई सुभाष राणा ने मीडिया को बताया था, “शुरुआत में उन्हें लगा कि यह तकलीफ एसिडिटी की वजह से है और उन्होंने अपनी यात्रा जारी रखी। हालांकि, भारत लौटते समय उन्हें फिर से तकलीफ हुई, जिसके बाद दिल्ली पहुंचने पर उन्हें तुरंत मेडिकल मदद लेनी पड़ी।
28 जून 1976 को उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जन्मे जसपाल राणा भारत के बेहतरीन पिस्टल शूटर्स में से एक बनकर उभरे और शूटिंग में उनका करियर लगभग दो दशक तक शानदार रहा। उन्होंने पहली बार 1994 में मिलान में 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल इवेंट में जूनियर वर्ल्ड टाइटल जीतकर दुनिया के सामने अपनी पहचान बनाई। राणा भारत के सबसे कामयाब शूटर्स में से एक बने; उन्होंने 1994 से 2006 के बीच चार कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 पदक जीते, जिनमें नौ स्वर्ण पदक शामिल थे। उनकी सफलता एशियन गेम्स में भी जारी रही, जहां उन्होंने 1994 से 2006 के बीच आठ पदक जीते, जिनमें से चार स्वर्ण थे। एशियन गेम्स में उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 2006 के दोहा गेम्स में रहा, जहां उन्होंने तीन स्वर्ण मेडल जीते और अपने पसंदीदा 25 मीटर सेंटर-फायर पिस्टल स्पर्धा में उस समय के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।
राणा को 1994 में अर्जुन अवॉर्ड मिला और उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें 1997 में भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में से एक, पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्हें वर्ष 2020 में खेल जगत के सर्वोच्च कोचिंग सम्मान ‘द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।
प्रतियोगी निशानेबाजी से संन्यास लेने के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग शुरू की और मनु भाकर का करियर संवारने में अहम भूमिका निभाई। 2018 से 2021 के बीच उनके साथ काम करने के बाद, वे पेरिस 2024 ओलंपिक्स से पहले इस स्टार शूटर के साथ फिर से जुड़े। राणा की देखरेख में, भाकर आज़ादी के बाद के दौर में ओलंपिक के एक ही संस्करण में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने पेरिस में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में कांस्य पदक जीते। पिछले साल फरवरी में, राणा को 25 मीटर पिस्टल इवेंट के लिए भारत का हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया गया था और वे अपने आखिरी दिनों तक शूटर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने के लिए समर्पित रहे। राणा ने जूनियर राष्ट्रीय टीम कोच और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनर के रूप में भारतीय निशानेबाजी टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। कोच के रूप में उनके योगदान में मनु भाकर को प्रशिक्षण देना शामिल है। उनकी देखरेख में मनु भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में दो जीते थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “जसपाल राणा के निधन से गहरा दुख हुआ है। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने शूटिंग में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का मान बढ़ाया। एक मेंटर के तौर पर भी उनका योगदान बहुत अहम रहा; उन्होंने पूरी लगन से युवा खिलाड़ियों को तराशा और उनका मार्गदर्शन किया। बेहतरीन प्रदर्शन, अनुशासन और खेल जगत की सेवा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा के कारण उन्हें बहुत सम्मान मिला। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और पूरे खेल जगत के साथ हैं। ओम शांति।
केन्द्रीय खेल मंत्री सोशल मीडिया मंच पर कहा, “भारतीय शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। एक चैंपियन एथलीट और बेहतरीन मेंटर के तौर पर देश के लिए उनके शानदार योगदान ने एक प्रेरणादायक विरासत छोड़ी है। उनके परिवार, दोस्तों और खेल जगत के लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज और देश के महानतम शूटिंग चैंपियनों में शामिल जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि भारतीय खेल जगत में उनका योगदान असाधारण रहा है।
खरगे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया ‘मंच’ एक्स पर अपने शोक संदेश में कहा कि जसपाल राणा ने विश्व मंच पर भारत को गौरवान्वित करने के साथ-साथ नयी पीढ़ी के निशानेबाजों को तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्होंने कहा कि राणा ने उत्तराखंड के लिए सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभायी थी।
उन्होंने कहा कि भारतीय खेल जगत की इस महान हस्ती के निधन से देश ने एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी और मार्गदर्शक खो दिया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों, मित्रों तथा पूरे खेल जगत के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने भी राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “ जसपाल का यूं अचानक जाना विधाता का है क्रूर फैसला, विनम्र श्रद्धांजलि। वह सदैव हमारी स्मृतियों में बने रहेंगे। गुड बाय, जसपाल वी आर हेल्पलेस।



