DelhiNational

नीव फाउंडेशन ने छह राज्यों में शुरू किया समर रिलीफ अभियान ‘इस गर्मी, फर्क नजर आएगा’

अभियान के तहत 60 राहत वैन तैनात की जाएंगी, जो बाहर काम करने वाले श्रमिकों और आम लोगों को ठंडा पीने का पानी, ORS और सुरक्षा सामग्री वितरित करेंगी।
नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बीच, नीव (NEEV) फाउंडेशन ने भीषण गर्मी से प्रभावित लोगों, बाहरी श्रमिकों, लावारिस पशुओं और पक्षियों के लिए बड़े स्तर पर समर रिलीफ अभियान “इस गर्मी, फर्क नजर आएगा” शुरू किया है। यह अभियान राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित छह राज्यों में चलाया जा रहा है।
नीव फाउंडेशन इस अभियान के तहत 60 राहत वैन तैनात कर रहा है, जो भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों और खुले में लंबे समय तक काम करने वाले लोगों तक साफ और ठंडा पीने का पानी पहुंचाएंगी। इनमें ट्रैफिक पुलिसकर्मी, डिलीवरी एग्जीक्यूटिव, निर्माण श्रमिक, रेहड़ी-पटरी विक्रेता और ऑटो रिक्शा चालक शामिल हैं। पानी के साथ-साथ इन वैन के जरिए ORS के पाउच और सुरक्षा कैप भी वितरित किए जाएंगे, ताकि लोगों को लू और अत्यधिक गर्मी से राहत मिल सके।
फाउंडेशन ने यह भी माना है कि यह संकट केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर लावारिस पशुओं के लिए पानी की टंकियां लगाई गई हैं, जबकि पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था भी की गई है। यह अभियान संवेदनशीलता और सहायता की एक सरल सोच पर आधारित है। फाउंडेशन के अनुसार, “प्यासा हमेशा कुएं तक आता है। इस गर्मी हमने तय किया कि कुएं को ही प्यासों तक पहुंचाया जाए।”
इस पहल पर बात करते हुए वंडर सीमेंट के डायरेक्टर और नीव फाउंडेशन के संस्थापक विवेक पाटनी ने कहा, “भारत में गर्मियां लगातार ज्यादा कठिन होती जा रही हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो दिनभर खुले में काम करते हैं। इस अभियान के जरिए हमारा उद्देश्य उन लोगों तक तुरंत और आसान राहत पहुंचाना है, जो कठिन मौसम के बावजूद हमारे शहरों को चलाए रखते हैं। कई बार सबसे जरूरी मदद सबसे सरल होती है- चाहे वह एक गिलास पानी हो, कुछ देर की छांव हो या मुश्किल समय में बुनियादी सहयोग।”
उन्होंने आगे कहा, “नीव की स्थापना इस सोच के साथ हुई थी कि सामाजिक जिम्मेदारी की शुरुआत तब होती है जब लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत हो। हमें उम्मीद है कि यह अभियान लोगों को छोटे-छोटे सहयोग के लिए भी प्रेरित करेगा, जैसे घरों के बाहर पक्षियों और पशुओं के लिए पानी रखना या भीषण गर्मी में डिलीवरी कर्मियों और बाहरी श्रमिकों की मदद करना। सामूहिक बदलाव की शुरुआत अक्सर व्यक्तिगत जागरूकता से होती है। कई बार एक छोटी शुरुआत बड़ा बदलाव लेकर आती है।”
यह अभियान लोगों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से भी चलाया जा रहा है, क्योंकि बढ़ता तापमान अब शहरी और ग्रामीण भारत दोनों के लिए लगातार बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
यह पहल नीव फाउंडेशन के व्यापक सामाजिक विकास कार्यों का हिस्सा है। निम्बाहेड़ा स्थित फाउंडेशन का ग्रामीण विकास केंद्र महिलाओं के कौशल विकास कार्यक्रम “हुनर”, “संरचना” के तहत सामुदायिक विकास, “उड़ान” के जरिए शिक्षा सहायता, “आरोग्यम” के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं और “इको ग्रीन” के तहत पर्यावरण एवं स्थिरता से जुड़े कार्यक्रम चला रहा है।
“इस गर्मी, फर्क नजर आएगा” अभियान के जरिए फाउंडेशन यह संदेश देना चाहता है कि सही समय पर बड़े स्तर पर की गई संवेदनशील मदद उन लोगों के लिए वास्तविक राहत बन सकती है, जो हाल के वर्षों की सबसे कठिन गर्मी का सामना कर रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button