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गढ़वाल भ्रातृ मंडल के तत्वावधान में क्लेमेंटाउन में शुरू हुआ पांच दिवसीय ‘गढ़ कौथिक’

विधायक विनोद चमोली ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ, पारंपरिक लोकसंस्कृति की झलक से महका आयोजन स्थल

देहरादून। राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के उपलक्ष्य में गढ़वाल भ्रातृ मंडल संस्था की ओर से क्लेमेंटाउन क्षेत्र में पांच दिवसीय ‘गढ़ कौथिक’ मेले का शुभारंभ हुआ। क्षेत्र के विधायक विनोद चमोली ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, समाजसेवी, महिला मंडल की सदस्याएं और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि “गढ़वाल भ्रातृ मंडल जैसी संस्थाएं राज्य की लोकसंस्कृति, कला और परंपरा को जीवित रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।”
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर उत्तराखंड के छोटे-छोटे नौनिहालों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बाँध दिया। बच्चों ने झोड़ा, छपेली, चांचरी और पारंपरिक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं। मंच पर लोकधुनों की गूंज के साथ पूरा वातावरण उत्तराखंडी रंग में रंग गया। मेले में प्रदेश की लोकसंस्कृति, पारंपरिक कला, वेशभूषा और लोकसंगीत की झलक देखने को मिल रही है। हस्तशिल्प, लोककला और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिससे स्थानीय कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिल रहा है।
मेले के अधिकारी बादल सिंह रावत ने बताया कि इस वर्ष मेले का विशेष आकर्षण कृषि उत्पादों और पहाड़ी खाद्य पदार्थों के स्टॉल हैं। यहां रागी, झंगोरा, मंडुवा, गहत, भट्ट जैसे पारंपरिक अनाजों से बने व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसके अलावा तंबोला प्रतियोगिता भी मेले का आकर्षक केंद्र बनी रही, जहां बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने मिलकर हर्षोल्लास के साथ भाग लिया। खेल के दौरान पूरे पंडाल में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। मंच संचालन यशवंती थपलियाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। पहले दिन स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोकगीतों की मधुर धुनों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यालयों के छात्रों, महिला समूहों और लोकगायक दलों ने पारंपरिक परिधानों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। गढ़वाल भ्रातृ मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी चार दिनों तक मेले में सांस्कृतिक संध्याएँ, पारंपरिक व्यंजन और लोकनाट्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संस्था के अध्यक्ष ओ.पी. बहुगुणा, सचिव दीपक नेगी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेश परमार,अशोक सुंदरलाल,विनोद राई,रजन नोटियाल, उत्तम सिंह रौथाण, आलम सिंह भंडारी, बादर सिंह रावत,जितेंद्र खंतवाल, राजुल नौटियाल, अभिषेक परमार, सुबोध नौटियाल, और मनोज भट्ट भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

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